तमिलनाडु ने बैटरी ऊर्जा भंडारण प्रणाली नीति 2026 और नवीकरणीय ऊर्जा आवेदन पोर्टल जारी किया: नई सौर और पवन परियोजनाओं को क्षमता के 10% के बराबर चार घंटे का भंडारण जोड़ना होगा, 10 साल ट्रांसमिशन शुल्क में छूट।
तमिलनाडु ने बैटरी ऊर्जा भंडारण प्रणाली नीति 2026 और नवीकरणीय ऊर्जा आवेदन पोर्टल जारी किया: नई सौर और पवन परियोजनाओं को क्षमता के 10% के बराबर चार घंटे का भंडारण जोड़ना होगा, 10 साल ट्रांसमिशन शुल्क में छूट।
तमिलनाडु ने जारी की बैटरी ऊर्जा भंडारण प्रणाली (BESS) नीति 2026 और साथ में नवीकरणीय ऊर्जा आवेदन पोर्टल — चेन्नई में, मंगलवार, 3 नवंबर 2026। बिजली मंत्री आर. निर्मलकुमार ने दोनों का शुभारंभ किया।
तमिलनाडु में लगभग 14,000 मेगावाट सौर और 9,000–10,000 मेगावाट पवन क्षमता है। दिन में लगभग 3,000–4,000 मेगावाट सौर बिजली का पूरा उपयोग नहीं हो पाता। “बैटरी भंडारण से हम यह अतिरिक्त बिजली सहेज सकेंगे और ज़रूरत पड़ने पर इस्तेमाल कर सकेंगे,” मंत्री ने कहा।
| नियम | विवरण |
|---|---|
| नई सौर, सौर-हाइब्रिड और पवन परियोजनाएँ (1 मेगावाट+) | क्षमता का कम से कम 10% भंडारण, न्यूनतम चार घंटे डिस्चार्ज (जैसे 100 मेगावाट पर 10 मेगावाट / 40 मेगावाट-घंटा) |
| मौजूदा सौर और पवन | 2027-28 तक 5% और 2028-29 तक 5% और, पूलिंग सबस्टेशनों पर |
| प्रोत्साहन | व्हीलिंग और ट्रांसमिशन शुल्क में 10 साल की छूट |
| ख़रीदार | भंडारण से निकली बिजली TNPDCL ख़रीदेगी |
| नोडल एजेंसी | TNGECL, सिंगल-विंडो पोर्टल के साथ |
| अवधि | तीन साल तक, या 10 GWh चालू होने तक |
नवीकरणीय ऊर्जा आवेदन पोर्टल ग्रिड-कनेक्टिविटी की मंज़ूरियाँ एक जगह लाता है: डेवलपर ऑनलाइन पंजीकरण, दस्तावेज़ अपलोड, शुल्क भुगतान और आवेदन ट्रैक कर सकते हैं।