तमिलनाडु की वेत्री मगलिर बकरी-पालन योजना 30,000 ग़रीब ग्रामीण विधवाओं, निराश्रित महिलाओं, ट्रांसजेंडर व्यक्तियों और दिव्यांगों को 100% सब्सिडी पर 5 बकरियाँ या भेड़ देगी। 2026-27 के लिए ₹109.75 करोड़ स्वीकृत।
तमिलनाडु की वेत्री मगलिर बकरी-पालन योजना 30,000 ग़रीब ग्रामीण विधवाओं, निराश्रित महिलाओं, ट्रांसजेंडर व्यक्तियों और दिव्यांगों को 100% सब्सिडी पर 5 बकरियाँ या भेड़ देगी। 2026-27 के लिए ₹109.75 करोड़ स्वीकृत।
ग्रामीण तमिलनाडु के सबसे ग़रीब परिवारों की आजीविका सुधारने के लिए सरकार ने वेत्री मगलिर बकरी-पालन योजना शुरू की है। इसके तहत 30,000 पात्र लोगों को 100% सब्सिडी पर 5-5 बकरियाँ या भेड़ मिलेंगी — पूरी तरह मुफ़्त।
यह योजना ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले इन वर्गों के लोगों के लिए है:
2026-27 वित्त वर्ष के लिए ₹109.75 करोड़ की प्रशासनिक और वित्तीय स्वीकृति दी गई है।
बकरियों और भेड़ों को कम ज़मीन और कम निवेश चाहिए, वे जल्दी बढ़ती हैं और ज़रूरत पड़ने पर कभी भी बेची जा सकती हैं। पाँच पशु दूध, बच्चों और बिक्री से परिवार को स्थिर अतिरिक्त आय देते हैं — उन महिलाओं के लिए आत्मनिर्भरता का रास्ता, जिनके पास अक्सर कोई और संपत्ति नहीं होती।