चेन्नई से लगभग 200 किमी पूर्व-उत्तरपूर्व स्थित गंभीर चक्रवाती तूफ़ान मुरसु आज रात नेल्लोर और नरसापुरम के बीच दक्षिण आंध्र तट पार करेगा। मुख्य सचिव एम. साईकुमार ने तमिलनाडु की तैयारियों की समीक्षा की; चेन्नई और तिरुवल्लूर में आज भारी बारिश की संभावना।
चेन्नई से लगभग 200 किमी पूर्व-उत्तरपूर्व स्थित गंभीर चक्रवाती तूफ़ान मुरसु आज रात नेल्लोर और नरसापुरम के बीच दक्षिण आंध्र तट पार करेगा। मुख्य सचिव एम. साईकुमार ने तमिलनाडु की तैयारियों की समीक्षा की; चेन्नई और तिरुवल्लूर में आज भारी बारिश की संभावना।
गंभीर चक्रवाती तूफ़ान मुरसु सोमवार सुबह, चेन्नई से लगभग 200 किमी पूर्व-उत्तरपूर्व में था (2 नवंबर 2026)और लगभग 20–25 किमी/घंटा की गति से पश्चिम-उत्तरपश्चिम बढ़ रहा था। इसके 2–3 नवंबर की रात ओंगोल के पास नेल्लोर और नरसापुरम के बीच दक्षिण आंध्र प्रदेश तट पार करने की उम्मीद है; तब हवाएँ 100–110 किमी/घंटा, झोंकों में 120 किमी/घंटा तक होंगी।
| दिन | पूर्वानुमान |
|---|---|
| सोम, 2 नवंबर | चेन्नई और तिरुवल्लूर में कुछ स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश; चेंगलपट्टू, कांचीपुरम, रानीपेट, वेल्लोर और नीलगिरि में भारी बारिश संभव |
| मंगल, 3 नवंबर | बारिश कम होगी; नीलगिरि में कुछ स्थानों पर भारी बारिश |
मुख्य सचिव डॉ. एम. साईकुमार ने सचिवालय में चक्रवात के लिए एहतियाती और सुरक्षा उपायों की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की। इसमें राजस्व प्रशासन आयुक्त, राजस्व एवं आपदा प्रबंधन सचिव, पशुपालन, डेयरी एवं मत्स्य सचिव, पुलिस महानिदेशक, ग्रेटर चेन्नई कॉर्पोरेशन आयुक्त, आपदा प्रबंधन आयुक्त, अग्निशमन एवं बचाव सेवा अधिकारी, तिरुवल्लूर और चेन्नई के ज़िलाधिकारी और राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल ने भाग लिया।
बचाव और राहत के लिए अराक्कोणम से एनडीआरएफ की तीन टीमें आंध्र प्रदेश भेजी गई हैं।
एमएसएमई मंत्री पे. मदन राजा ने सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्योगों — विशेषकर निचले इलाकों और सिडको एस्टेट की इकाइयों — से बारिश से पहले कदम उठाने को कहा:
भारी बारिश और तेज़ हवा के दौरान घर के अंदर रहें, गिरे तारों और जलभराव वाले सबवे से दूर रहें और ज़िला प्रशासन की सूचनाओं का पालन करें। मछुआरे 4 नवंबर तक समुद्र में न जाएँ।