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अब तमिलनाडु में सत्ता में
தமிழக வெற்றிக் கழகம்
थलपति विजय द्वारा 2 फ़रवरी 2024 को स्थापित। अपने पहले ही विधानसभा चुनाव में पार्टी ने 108 सीटें जीतीं और सरकार बनाई — स्थापना से सत्ता तक 27 महीने में। 9 अक्टूबर 2026 को दोनों उपचुनाव जीते और अब 109 विधायक हैं।

शुरुआत की कहानी
टीवीके की कहानी 2024 में नहीं, बल्कि 2009में शुरू होती है, जब थलपति विजय ने अपने 85,000+ फ़ैन क्लबों को बदल दिया मक्कल इयक्कम (जन आंदोलन) में — एक कल्याण संगठन, जिसने रक्तदान, आपदा राहत, शिक्षा और पर्यावरण कार्यों के ज़रिए तमिलनाडु के सबसे गरीब समुदायों की सेवा की।
15 साल तक विजय ने तमिलनाडु की राजनीति को दूर से देखा — लेकिन अन्याय होने पर कभी चुप नहीं रहे। 2017 का मर्सल विवाद, जिसमें स्वास्थ्य सेवाओं पर उनकी फ़िल्म के संवादों को सेंसर कराने के लिए राजनीतिक दबाव डाला गया, एक निर्णायक मोड़ था। उनके इनकार ने साफ़ कर दिया कि वे डरने वाले नहीं हैं।
2023 तक, जब तमिलनाडु में अब भी हर पाँच साल में सत्ता बदलने वाले दो पुराने दलों का दबदबा था, विजय ने फ़ैसला कर लिया। वे सिर्फ़ बदलाव के लिए प्रचार नहीं करेंगे — वे ख़ुद बनेंगे वह बदलाव। 2 फ़रवरी 2024 को — लाखों लोगों के सामने हुए समारोह में — तमिलगा वेट्री कड़गम का आधिकारिक जन्म हुआ।
"यह पार्टी तमिलनाडु की जनता की है। यह जाति, धर्म या वंशवाद पर नहीं बनी। यह सामाजिक न्याय, समानता और हर तमिल व्यक्ति के कल्याण पर खड़ी है।"
— थलपति विजय, टीवीके स्थापना घोषणा, 2 फ़रवरी 2024
पहचान
तीन क्षैतिज पट्टियाँ · दो हाथी · बीच में वाहै फूल
मैरून तमिल लोगों के रक्त, बलिदान और संकल्प का प्रतीक है। सुनहरा/पीला समृद्धि, न्याय और उस उज्ज्वल भविष्य का प्रतीक है जिसकी टीवीके तमिलनाडु के लिए कल्पना करती है।
हाथी प्रतीक है शक्ति, बुद्धि, स्मृति और वफ़ादारी का। आमने-सामने खड़े दो हाथी एकता दर्शाते हैं — पार्टी और जनता का साथ, साझी समृद्धि की ओर मिलकर बढ़ना। तमिल संस्कृति में हाथी पवित्र और शुभ माने जाते हैं।
वाहै (अल्बिज़िया) फूल का तमिल संस्कृति में गहरा महत्व है, क्योंकि यह है विजय का फूल। प्राचीन तमिल परंपरा में विजयी योद्धा और राजा वाहै की माला पहनते थे। टीवीके ने इसे अपने ध्वज के केंद्र में रखा — यह घोषणा कि यह पार्टी जीतने के लिए है, जनता के लिए.
मूल विश्वास
हर तमिल व्यक्ति — जाति, धर्म या आर्थिक पृष्ठभूमि की परवाह किए बिना — शिक्षा, स्वास्थ्य, रोज़गार और सम्मान तक बराबर पहुँच का हक़दार है। टीवीके सबसे पहले इसी सिद्धांत पर बनी। कोई भेदभाव नहीं। कोई ऊँच-नीच नहीं। एक तमिलनाडु।
सभी लोग बराबर हैं। टीवीके उन व्यवस्थाओं को नकारती है जो जन्म या पृष्ठभूमि के आधार पर कुछ नागरिकों को दूसरों से ऊपर रखती हैं। शासन बहुतों की सेवा करे, कुछ की नहीं। हर नीतिगत फ़ैसले में पूछा जाए: क्या इससे आम तमिल लोगों का भला होता है?
धर्म निजी है। शासन सबके लिए है। टीवीके ऐसे तमिलनाडु के लिए खड़ी है जहाँ किसी से उसकी आस्था के कारण भेदभाव न हो, और राज्य बिना किसी अपवाद के सभी समुदायों के प्रति तटस्थ और निष्पक्ष रहे।
सरकार जनता की सेवा के लिए है — राजनीतिक परिवारों या कॉर्पोरेट सहयोगियों को अमीर बनाने के लिए नहीं। सार्वजनिक धन का हर रुपया पारदर्शिता से जनकल्याण पर खर्च हो। जवाबदेही पर कोई समझौता नहीं।
किसी तमिल बच्चे को गरीबी के कारण शिक्षा से वंचित न होना पड़े। नीट खत्म होना चाहिए। राज्य-नियंत्रित शिक्षा लौटनी चाहिए। नीट से पहले तमिलनाडु ने भारत के बेहतरीन डॉक्टर दिए — और फिर देगा।
तमिल भाषा, संस्कृति और लोगों की रक्षा और सम्मान होना चाहिए। संघीय ढाँचे में राज्य के अधिकारों की रक्षा होनी चाहिए। तमिलनाडु का अपनी शिक्षा, कृषि और संसाधनों पर नियंत्रण होना चाहिए।
"टीवीके किसी एक व्यक्ति की महत्वाकांक्षा का मंच नहीं है। यह उन 8 करोड़ तमिल लोगों की सामूहिक आवाज़ है जो बेहतर के हक़दार हैं — बेहतर शासन, बेहतर स्वास्थ्य, बेहतर शिक्षा, बेहतर आजीविका।"
— टीवीके स्थापना वक्तव्य, 2 फ़रवरी 2024
2009 – 2026
विजय ने अपने प्रशंसक नेटवर्क को औपचारिक रूप से मक्कल इयक्कम कल्याण आंदोलन में बदला। रक्तदान, आपदा राहत, शिक्षा छात्रवृत्ति, भोजन वितरण — तमिलनाडु का सबसे बड़ा संगठित गैर-सरकारी कल्याण नेटवर्क बना। यही बाद में टीवीके की ज़मीनी नींव बना।
जब चेन्नई ने सदी की सबसे भीषण बाढ़ झेली, विजय और उनके नेटवर्क ने शहर भर में हज़ारों स्वयंसेवक उतारे — लाखों परिवारों को भोजन, बचाव और पुनर्वास सहायता दी। इस अभियान ने आंदोलन की असली जनशक्ति दिखाई।
जब फ़िल्म मर्सल से चिकित्सा सेवाओं पर जीएसटी की आलोचना वाले संवाद काटने की माँग हुई, विजय ने सार्वजनिक रूप से इनकार किया। देश ने देखा। तमिलनाडु उनके साथ खड़ा रहा। उसी पल लाखों लोगों ने समझा कि विजय किसी के इशारों पर नहीं चलेंगे।
कोविड-19 के दौरान विजय ने निजी कोष से करोड़ों रुपये दान किए और तमिलनाडु में बड़ा नागरिक राहत अभियान चलाया। भोजन वितरण, ऑक्सीजन कंसन्ट्रेटर की ख़रीद, अस्पतालों की मदद और मानसिक स्वास्थ्य संसाधन — सब मक्कल इयक्कम नेटवर्क के ज़रिए।
तमिलनाडु और दुनिया भर में लाखों लोगों के सामने थलपति विजय ने टीवीके की औपचारिक शुरुआत की। दो हाथियों और वाहै फूल वाला मैरून-सुनहरा-मैरून ध्वज पहली बार फहराया गया। पार्टी के संस्थापक सिद्धांत — सामाजिक न्याय, समानता, धर्मनिरपेक्षता — घोषित हुए। तमिलनाडु की राजनीति हमेशा के लिए बदल गई।
विल्लुपुरम ज़िले के विक्रवांडी में टीवीके का पहला राज्य सम्मेलन। 8 लाख से ज़्यादा लोग पहुँचे — तमिलनाडु के इतिहास की सबसे बड़ी राजनीतिक सभाओं में से एक। 26 अहम प्रस्ताव पारित। टीवीके अध्यक्ष के रूप में विजय का पहला बड़ा राजनीतिक भाषण।
तमिलनाडु की सांस्कृतिक राजधानी मदुरै में टीवीके का दूसरा बड़ा सम्मेलन। विजय ने टीवीके का पूरा 22-सूत्री चुनावी घोषणापत्र पेश किया: महिलाओं के लिए मुफ़्त बस यात्रा, टास्मैक सुधार, नीट खत्म करना, किसानों के लिए एमएसपी, सरकारी नौकरियाँ, भ्रष्टाचार-विरोधी कदम। घोषणापत्र ठोस, मापने योग्य और जनकेंद्रित था।
अपने पहले ही चुनाव में टीवीके ने 108 विधानसभा सीटें जीतीं — विधानसभा में सबसे बड़ी पार्टी बनी और सहयोगी दलों के समर्थन से सरकार बनाई। जो पार्टी 27 महीने पहले थी ही नहीं, वह तमिलनाडु के 8 करोड़ लोगों की सत्ताधारी पार्टी बन गई। विजय ने ख़ुद पेरम्बूर और तिरुचिरापल्ली पूर्व दोनों सीटों से जीत दर्ज की।
चेन्नई के जेएन इंडोर स्टेडियम में — राहुल गांधी समेत राष्ट्रीय नेताओं की मौजूदगी में — थलपति विजय ने तमिलनाडु के 13वें मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली। डीएमके-एआईएडीएमके के बारी-बारी शासन के 59 साल का सिलसिला टूटा। स्थापना से सत्ता तक टीवीके का 27 महीने का सफ़र पूरा हुआ।
कांग्रेस, सीपीआई, सीपीआई(एम), वीसीके और आईयूएमएल के समर्थन से टीवीके नेतृत्व की सरकार ने विधानसभा में विश्वास मत 144 के मुक़ाबले 22 वोटों से जीता। पढ़ें ›
टीवीके को तमिलनाडु में राज्य पार्टी की मान्यता मिली और सीटी चुनाव चिह्न उसके लिए आरक्षित किया गया। पढ़ें ›
टीवीके के सत्ता में आने के बाद पहले उपचुनावों में मतदान — मदुरांतकम में लगभग 86% और धारापुरम में 80.30% मतदान। पढ़ें ›
के. मरगतम कुमारवेल ने मदुरांतकम 20,040 वोटों से और पी. सत्यभामा ने धारापुरम 9,471 वोटों से जीता। विधानसभा में टीवीके की संख्या 109 हो गई। पढ़ें ›
ऐतिहासिक सभाएँ
विल्लुपुरम ज़िला, तमिलनाडु
टीवीके का पहला और ऐतिहासिक राज्य सम्मेलन। 8 लाख से ज़्यादा लोग पहुँचे — यह तमिलनाडु के इतिहास की सबसे बड़ी राजनीतिक सभाओं में से एक बना। इस सम्मेलन से टीवीके ने स्पष्ट एजेंडे के साथ तमिलनाडु की राजनीति में औपचारिक प्रवेश किया।
पारित प्रमुख प्रस्ताव
+ स्वास्थ्य, मछुआरे, शिक्षा, पर्यावरण आदि पर 21 और प्रस्ताव
तमिलनाडु के सांस्कृतिक केंद्र मदुरै में हुए टीवीके के दूसरे सम्मेलन में विजय ने पूरा 22-सूत्री चुनावी घोषणापत्र पेश किया। अस्पष्ट राजनीतिक वादों के उलट टीवीके का घोषणापत्र ठोस, समयबद्ध और मापने योग्य था। इसमें तमिल समाज का हर वर्ग शामिल था: महिलाएँ, किसान, छात्र, मज़दूर, मछुआरे और गरीब।
घोषणापत्र की मुख्य बातें
4 मई 2026
किसी नई पार्टी के लिए यह असाधारण उपलब्धि थी। फ़रवरी 2024 में स्थापित टीवीके सिर्फ़ 27 महीनों में एक बिल्कुल नई पार्टी से भारत के एक बड़े राज्य की सत्ताधारी सरकार बन गई।
10 मई 2026 से
पहली कैबिनेट बैठक में मुफ़्त बस यात्रा + मुफ़्त एलपीजी सिलेंडर + मासिक आर्थिक सहायता की घोषणा। लागू करने का काम तुरंत शुरू।
सभी 38 ज़िलों की ~5,400 टास्मैक दुकानों के पूरे ऑडिट का सरकारी आदेश जारी। 3 महीने की समय-सीमा।
शिक्षा को राज्य सूची में लौटाने और तमिलनाडु में मेडिकल दाख़िलों के लिए नीट खत्म करने हेतु सुप्रीम कोर्ट में औपचारिक याचिका दायर।
टीएनपीएससी भर्तियाँ जारी। 1.2 लाख खाली सरकारी पदों में से पहले चरण के 40,000 पद भरे जा रहे हैं।
आम, धान और तमिलनाडु की अन्य प्रमुख फ़सलों के एमएसपी बढ़ाने का सरकारी आदेश जारी। ख़ासकर 5 प्रमुख कृषि ज़िलों को फ़ायदा।
टीवीके शासन के 100 दिनों पर पूरी सार्वजनिक रिपोर्ट जारी होगी — तमिलनाडु की जनता से किए हर वादे पर पारदर्शी जवाबदेही।
"तमिलनाडु ने एक सच्चे विकल्प के लिए 59 साल इंतज़ार किया। टीवीके सिर्फ़ एक और पार्टी नहीं है। यह सबूत है कि जनता — एकजुट होकर — किसी भी वंशवाद, किसी भी एकाधिकार, किसी भी अन्याय को तोड़ सकती है।"
— तमिलनाडु के एक राजनीतिक विश्लेषक, चुनाव के बाद, 2026
राज्य सम्मेलन
आधिकारिक वीडियो
सिनेमा के दिग्गज से मुख्यमंत्री तक — हर अध्याय
तमिलगा वेट्री कड़गम (टीवीके) की स्थापना अभिनेता से राजनेता बने सी. जोसेफ विजय ने 2 फ़रवरी 2024 को की; मुख्यालय पनैयूर, चेन्नई में है।
टीवीके का पूरा नाम तमिलगा वेट्री कड़गम (“तमिलगम की विजय पार्टी”) है। इसकी विचारधारा समानता, धर्मनिरपेक्षता और सामाजिक न्याय पर आधारित है, जो आंबेडकर, पेरियार और कामराज की विरासत से प्रेरित है।
टीवीके ने 2026 के तमिलनाडु विधानसभा चुनाव में सभी 234 सीटों पर अकेले चुनाव लड़ा और 108 सीटें जीतीं — पहले ही चुनाव में सबसे बड़ी पार्टी बनी और राज्य में डीएमके-एआईएडीएमके के 59 साल के दबदबे को खत्म किया।